रतलाम में UGC का समर्थन ! संयुक्त मोर्चा ने रैली निकाल कर किया प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोका

रतलाम में यूजीसी कानून के समर्थन में संयुक्त मोर्चा ने रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कानून को लागू करने की मांग भी की।

रतलाम में UGC का समर्थन ! संयुक्त मोर्चा ने रैली निकाल कर किया प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोका
यूजीसी कानून के समर्थन में रतलाम में संयुक्त मोर्चा ने रैली निकाल कर प्रदर्शन किया।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों के समर्थन में शुक्रवार दोपहर एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी सहित विभिन्न संगठनों ने ‘संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने रैली को कोर्ट चौराहे पर ही रोक दिया। जहां बाद में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी सहित विभिन्न संगठनों द्वारा संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर यूजीसी के समर्थन में रतलाम में जुटने, रैली निकालने का ऐलान किया था। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लगातार संदेश भी वायरल हो रहे थे। इसके चलते ही एक दिन पूर्व प्रशासन द्वारा जिले में रैली और प्रदर्शन आदि पर रोक लगा दी गई थी और रतलाम के आम्बेडकर सर्कल तथा कोर्ट चौराहे पर भारी मात्रा में बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके बावजूद संयुक्त मोर्चा से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता रतलाम के आम्बेडकर सर्कल पर जुटे और रैली के रूप में आगे बढ़े।

पुलिस ने रोका तो भड़के, बाद में रास्ते में ही दिया ज्ञापन

सभी हाथों में विभिन्न नारे लिखी तख्तियां लेकर आगे बढ़ रहे थे। वे कलेक्टर कार्यालय जाकर यूजीसी कानून के समर्थन में ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें कोर्ट चौराहे पर ही रोक दिया। इससे प्रदर्शनकारी भड़क गए और उन्होंने जबरदस्ती आगे बढ़ने का प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हो सके। अधिकारियों ने उन्हें वहीं ज्ञापन देने के लिए कहा लेकिन वे नहीं माने परंतु जब बात नहीं बनी तो प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट चौराहे पर ही ज्ञापन सौंपना उचित समझा।

ज्ञापन में ये उठाए मुद्दे

  • संसद द्वारा 13 जनवरी 2026 को पारित यूजीसी कानून को 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्टे आदेश से रोका गया है जिसका हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं।
  • लंबे संघर्ष के बाद UGC कानून अस्तित्व में आया है, जिसमें ओबीसी वर्ग को भी शामिल किया गया है। इसे पूरे देश के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल संस्थानों तथा अन्य सरकारी और निजी संस्थानों में प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
  • उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी, ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दिव्यांगजन एवं महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • देश में अब भी जातीय भेदभाव की घटनाएं सामने आती रही हैं। रोहित वेमुला, पायल तड़वी, इन्द्रा मेघवाल, जैसे मामलों को देखते हुए सख्त कानून की आवश्यकता है।