पूज्य सिंधी समाज के अध्यक्ष के बेटे गौरव और भतीजे नीरज सहित चार के विरुद्ध केस दर्ज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का है आरोप

रतलाम में पूज्य सिंधी समाज अध्यक्ष के बेटे और भतीजे सहित अन्य के विरुद्ध तोड़फोड़ और धमकाने का केस दर्ज किया गया है।

पूज्य सिंधी समाज के अध्यक्ष के बेटे गौरव और भतीजे नीरज सहित चार के विरुद्ध केस दर्ज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का है आरोप
शिकायतकर्ता कमल गुरनानी द्वारा पुलिस को सौंपे गए सीसीटीवी फुटेज के दृश्य।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । औद्योगिक क्षेत्र थाने पर पूज्य सिंधी समाज के अध्यक्ष राधाकिशन सतवानी के बेटे और भतीजे सहित 4 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने वाट्सएप पर पोस्ट करने को लेकर एक युवक के घर और वाहन में तोड़-फोड़ की और जान से मारने की धमकी दी। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।

औद्योगिक थाना क्षेत्र पुलिस के अनुसार वरदान नगर निवासी कमल गुरनानी ने शिकायत दर्ज करवाई है, साथ ही एक सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा। गुरनानी ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात को करीब 11.20 बजे पूज्य सिंधी समाज के अध्यक्ष सतवानी का बेटा गौरव सतवानी, भतीजा नीरज सतवानी अपने साथियों कार्तिक सैनी और अमित वोहरा के साथ चार पहिया वाहन से उनके घर पहुंचे। उनके हाथों में डंडे भी थे। आरोपियों ने घर का दरवाजा खटखटाकर गुरनानी को बाहर आने के लिए कहा। इस पर गुरनानी ने कहा कि अभी रात है वे सुबह बात करेंगे। लोहे का गेट होने से आरोपी उनके घर के अंदर प्रवेश नहीं कर सके इससे वे इससे उन्होंने गाली-गलौज करते हुए बाहर खड़ी कार एमपी 43 बीडी 0963 के कांच और हडलाइट में तोड़फोड़ कर दी।

वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट से हुआ विवाद

फरियादी गुरनानी ने बताया कि वे मार्केटिंग का काम करते हैं। गुरनानी के अनुसार गत 16 फरवरी को समाज के वाट्सएप ग्रुप पर अध्यक्ष राधाकिशन सतवानी को कुछ शब्दों के प्रयोग किए जाने पर आपत्ति दर्ज करवाई थी। इसी से नाराज होकर उनके बेटे-भतीजे ने उक्त घटना को अंजाम दिया और यह धमकी भी दी कि यदि भविष्य में ग्रुप में उनके पिता के खिलाफ कुछ लिखा तो जान से मार देंगे।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस ने कमल गुरनानी की शिकायत पर आरोपी गौरव सतवानी निवासी देवरा देवनारायण कॉलोनी, नीरज सतवानी पिता ठाकुरदास निवासी इंद्रानगर, अमित वोहरा और कार्तिक सैनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 324(4), 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।