साहित्य सृजन : आशीष दशोत्तर के दोहा संग्रह 'तुतलाती आवाज़' का हुआ विमोचन, प्रेरक है बच्चों पर केन्द्रित 700 दोहे लिखना

रतलाम के युवा साहित्यकार द्वारा बच्चों पर क्रेंद्रित 700 दोहों वाली पुस्तक ‘तुतलाती जुबान’ का हुआ विमोचन।

साहित्य सृजन : आशीष दशोत्तर के दोहा संग्रह 'तुतलाती आवाज़' का हुआ विमोचन, प्रेरक है बच्चों पर केन्द्रित 700 दोहे लिखना
आशीष दशोत्तर की पुस्तक तुतलाती जुबान का विमोचन करते साहित्य प्रेमी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रचनाकार का बचपन की स्मृतियों को शब्दों में ढालना उसकी रचनात्मक ईमानदारी और जीवन के प्रति अनुराग को व्यक्त करता है। आशीष दशोत्तर ने बच्चों पर केन्द्रित पुस्तक का लेखन कर अपने रचनात्मक दायित्व को निभाया है। यह सराहनीय भी है और प्रेरक भी।

उक्त विचार युवा रचनाकार आशीष दशोत्तर की नई पुस्तक 'तुतलाती आवाज़' के विमोचन अवसर पर वरिष्ठ कवि, अनुवादक प्रो. रतन चौहान ने व्यक्त किए। जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बच्चों पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन नन्हे बच्चों कपिल और रोशनी डामर ने किया। प्रो. चौहान ने कहा कि बच्चों पर केन्द्रित 700 दोहे लिखना उनकी बच्चों के प्रति जागरूकता और जीवन से गुम होते जा रहे बचपन को बचाने की पहल है। आज का बचपन तकनीक के क़रीब आ गया है लेकिन अपनों से दूर हो गया है। ऐसे में आशीष का यह कार्य शहर की रचनाधर्मिता में सकारात्मक प्रयोग की तरह अंकित हो गया है।

विश्व पुस्तक मेले में भी है पुस्तक

जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने कहा कि निरन्तर सृजन व्यक्ति को परिमार्जित करता है। आशीष भाई की यह सृजन प्रक्रिया उनकी निरन्तरता को दर्शाती है। रचनाकार आशीष दशोत्तर ने कहा कि मेरी रचना प्रक्रिया शहर के वरिष्ठजन के स्नेह से ही निरंतर आगे बढ़ रही है। यह दोहा संग्रह इंक पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित है। इसे नई दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में भी इस वर्ष प्रकाशित पुस्तक की श्रेणी में प्रदर्शित किया गया है। इसमें बचपन के विभिन्न दृश्यों को दोहों के माध्यम से व्यक्त किया गया है। एक ही विषय पर तकरीबन सात सौ दोहे लिखने का प्रयास साहित्यजन को पसंद आएगा, ऐसा विश्वास है।

26वीं पुस्तक है दशोत्तर की

उल्लेखनीय है कि यह आशीष दशोत्तर की 26वीं पुस्तक है। आयोजन में वरिष्ठ हास्य कवि जुझार सिंह भाटी, आई. एल. पुरोहित, डॉ. एन. के. शाह, रवि गेहलोत, मांगीलाल नगावत, कीर्ति शर्मा, विनोद झालानी, सुभाष यादव, चरणसिंह जाधव, गीता राठौर, आशा श्रीवास्तव, रचना चंद्रावत, सपना ठाकुर, मुन्नीबेन, अनीस ख़ान, पंकज व्यास सहित सुधिजन मौजूद थे।