भूलकर भी न करें ऐसी गलती, वरना... हो जाएगा 15 हजार रुपए तक का जुर्माना, FIR भी दर्ज होगी, जानिए क्या है पूरा मामला
रतलाम जिले में एक और प्रतिबंध लग गया है और उसकी निगरानी भी की जा रही है। अगर आप इसका उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो आपके विरुद्ध केस भी दर्ज हो सकता है और जुर्माना भी।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मिशा सिंह ने जिले में खेतों में नरवाई (खापे / पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण, जन-धन की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार रबी फसल की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हार्वेस्टर के उपयोग के दौरान स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) अथवा स्ट्रॉ रीपर का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है। बिना एसएमएस अथवा स्ट्रॉ रीपर के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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इस हिसाब से लगेगा जुर्माना
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षति पूर्ति के रूप में जुर्माना वसूला जाएगा। यह जुर्माना 2 एकड़ तक भूमि पर 2500 रुपए प्रति घटना, 2 से 5 एकड़ भूमि पर 5000 रुपए प्रति घटना रहेगा। वहीं 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 प्रति घटना जुर्माना किया जाएगा।
ऐसे हो रही निगरानी, FIR भी होगी दर्ज
जिला प्रशासन द्वारा सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी की कर रहा है। नरवाई जालाने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पूर्व में 144) के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। यह धारा प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर FIR का मार्ग प्रशस्त करती है।
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इसलिए लगाया प्रतिबंध
आग से मिट्टी के लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और उर्वरा शक्ति कमजोर होती है।
पराली आदि जलाने से वायु प्रदूषण भी होता है जो विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकता है।
पराली जलाने से खेतों में खड़ी फसलें, घरों और आस-पास के क्षेत्रों में आग लगने का खतरा रहता है।
...तो क्या करें
किसान फसल के अवशेषों का उपयोग मल्चिंग और भूसा बनाने के लिए कर सकते हैं। इसका जमीन जोतकर जैविक खाद के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
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