इंदौर की घटना का असर ! कलेक्टर ने किया मोरवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण, खामियां मिलने पर कर्मचारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
कलेक्टर मिशा सिंह ने रतलाम शहर के मोरवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर खामियों के लिए जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
शहर में चल रहे पेयजल पाइप लाइन सुधार के काम का अवलोकन कर दिए आवश्यक निर्देश
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । इंदौर में दूषित पानी से लोगों की मौत की घटना ने सभी को चौंका दिया है। इसका असर रतलाम में भी हुआ है। शुक्रवार को कलेक्टर मिशा सिंह अधिकारियों के साथ मोरवनी फिल्टर प्लांट के निरीक्षण पर जा पहुंचीं। इस दौरान वहां खामियां मिलीं। उन्होंने खामियों के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश नगर निगम आयुक्त अनिल भाना को दिए। आयुक्त ने जल प्रदाय विभाग के पांच इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

मोरवनी फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मिशा सिंह के साथ निगम आयुक्त अनिल भाना, शहर एसडीएम आर्ची हरित और नायब तहसीलदार मनोज चौहान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। यहां कलेक्टर ने पेयजल वितरण व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट वर्ष 1980 में बनाया गया था तथा शहरवासियों को अल्टरनेट दिवस के आधार पर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्लांट में जहां भी मरम्मत कार्य आवश्यक है, उसका टेंडर कराया जाए।
निरीक्षण में ये मिली खामियां
कलेक्टर ने प्लांट और वार्डों में पेयजल का सेम्पल लेने का कार्य निरंतर व नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि निरंतर सेम्पल लिए जा रहे हैं तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उज्जैन के अधिकारी भी निरंतर सेम्पल ले रहे हैं। कलेक्टर ने सेम्पल एवं सफाई व्यवस्था का रजिस्टर चैक किया तो वह नियमित रूप से संधारित होना नहीं पाया गया। इसी प्रकार लैब में टेक्नीशियन के पास जरूरी सामग्री भी नहीं मिली और उपस्थिति रजिस्टर अनुसार ड्यूटी पर कर्मचारी भी कम मिले। कलेक्टर ने इन खामियों को लेकर नाराजी जताई और निगम आयुक्त को संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
सेंपल कि रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने लैब निरीक्षण के दौरान मौके पर ही पेयजल के नमूने संग्रहित कराए और पानी की जांच भी कराई। टेक्नीशियन ने बताया कि यहां पानी में टर्बिडिटी, क्लोराइड, कंडक्टिविटी, हार्डनेस, पीएच, ईकोलाई आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध पानी की बैक्टीरियल जांच की रिपोर्ट 24 घण्टे में मिल पाती है। इस पर कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि वे भी रेंडम आधार पर पेयजल की रिपोर्ट प्राप्त करें।
आयुक्त को ये निर्देश भी दिए
कलेक्टर ने निगम आयुक्त को पेयजल व्यवस्था के संबंध में निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना इस प्रकार बनाएं कि शिकायत की गुंजाइश ही न रहे। कलेक्टर ने कहा कि टीम गठित कर शहर में सर्वे कार्य प्रारंभ कराएं। सर्वे में नालियों में लीकेज, सीवरेज में लीकेज, कंस्ट्रक्शन साइट का चिह्नांकन करवाएं ताकि पेयजल में अशुद्धि मिलने की संभावना न रहे। आवश्यकता अनुसार स्टाफ की व्यवस्था करें, किसी भी स्थिति में पानी का ओपन सोर्स न रहे।
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शहर के करमदी रोड क्षेत्र, चांदनी चौक क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र में जिन जिन वार्डों से गंदा पानी मिलने की शिकायत प्राप्त हो रही हैं, वहां चल रहे पाइप लाइन सुधार एवं टेस्टिंग कार्य का निरीक्षण भी कलेक्टर ने किया। चांदनी चौक क्षेत्र में रतलाम सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष पारस भरगट सहित अन्य ने सुलभ कॉम्पलेक्स एवं वाहन रखने के स्थान से जुड़ी समस्या बताई। कलेक्टर ने उचित निराकरण की बात कही।

...और जारी हो गए कारण बताओ नोटिस
मोरवानी फिल्टर प्लांट में मिली गड़बड़ियों को लेकर कलेक्टर द्वारा दिए निर्देश के कुछ देर बाद ही निगम आयुक्त भाना ने जलप्रदाय विभाग के इंजीनियरों को शोकॉज नोटिस जारी कर दिए। कार्यपालन यंत्री राहुल जाखड़, सहायक यंत्री सुहास पंडित, उपयंत्री भैयालाल चौधरी, ब्रजेश कुशवाह तथा अनुपम मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। इन्हें 3 दिवस में प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। नियत अवधि में उत्तर नहीं मिलने पर एक पक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी है।
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