मामला गंभीर है ! रतलाम में दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में NGT ने नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण मंडल को फटकारा, फिर से मांगा शपथ-पत्र, अगली सुनवाई 16 फरवरी को

रतलाम में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर एनजीटी ने नगर निगम को फटकार लगाई है। अधिकरण ने निगम से नया शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा। मामले में अगली सुनवाई 16 फरवरी 2026 नियत की है।

मामला गंभीर है ! रतलाम में दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में NGT ने नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण मंडल को फटकारा, फिर से मांगा शपथ-पत्र, अगली सुनवाई 16 फरवरी को
रतलाम में गंदे पानी की आपूर्ति पर एनजीटी का कड़ा रुख।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम शहर में सीवर की गंदगी युक्त पेयजल आपूर्ति पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने असंतोष व्यक्त किया है। अधिकरण ने नगर निगम रतलाम एवं मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPPCB) की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। निगम को नया शपथ-पत्र देने के लिए आदेशित किया है।

शहर के वार्ड नंबर 24 के पार्षद द्वारा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दूषित पेयजल सप्लाई होने को लेकर पहले नगर निगम और उसके बाद जिला प्रशासन की जनसुनवाई में शिकायत की थी। यहां सुनवाई नहीं हुई तो उनके द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की शरण ली। एनजीटी द्वारा याचिका स्वीकार करते हुए नगर निगम को अपना पक्ष रखने के लिए आदेशित किया था लेकिन जिम्मेदारों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।

यह था आदेश, निगम ने क्या किया

अधिकरण दिनांक 02.08.2024 में आदेश दिया था। इसमें यह पूछा था कि नगर निगम रतलाम द्वाररा रतलाम शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है या नहीं। इसका पालन नगर निगम द्वारा नहीं किया गया। निगम यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि शहर में वास्तव में पीने योग्य पानी की आपूर्ति हो रही है या नहीं। निगम द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्र में केवल यह उल्लेख है कि पाइप लाइन का 58% कार्य पूर्ण हुआ है।

इसका नहीं दिया जवाब

(1) पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति

(2) पाइपलाइन बिछाने का पूर्ण विवरण

(3) कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा

अगली सुनवाई 16 फरवरी को

अधिवक्ता प्रभात यादव ने अधिकरण को अवगत कराया कि नगर निगम द्वारा अब तक आदेश का वास्तविक पालन नहीं हुआ है। आज भी शहर के कई क्षेत्रों में सीवर की गंदगी युक्त बदबूदार पानी आ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जिन स्थानों पर गंदा पानी आ रहा था, उसका सैंपल भी नहीं लिया है। इसके प्रमाण भी अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इस पर अधिकरण ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आवेदक को दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर (Rejoinder) दाखिल करने की अनुमति दी। 

3 माह में प्रस्तुत करें नया शपथ-पत्र

प्रकरण क्रमांक 09/2025 (CZ) की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने अंतरिम आदेश दिया है इसमें नगर निगम रतलाम को 3 माह में नया शपथ पत्र देने के आदेश दिए गए‌। अधिकरण द्वारा अगली सुनवाई 16 फरवरी 2026 को नियत की गई है। यह‌‌ भी स्पष्ट कहा है कि मामले की अगली सुनवाई में पेयजल जैसे मूल अधिकार से जुड़े विषय पर कड़ी निगरानी की जाएगी।