रतलाम में आत्महत्या ! सरपंच के मजदूर ने पानी की टंकी पर 'पुलिस नहीं सुनती' लिखा और लगा ली फांसी, SP ने ASI को किया लाइन अटैच, आरोपी सरपंच हिरासत में

रतलाम जिले के हरियाखेड़ा निवासी एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसने सुसाइड नोट और गांव की टंकी पर लिखित में सरपंच और परिजन एवं पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

रतलाम में आत्महत्या ! सरपंच के मजदूर ने पानी की टंकी पर 'पुलिस नहीं सुनती' लिखा और लगा ली फांसी, SP ने ASI को किया लाइन अटैच, आरोपी सरपंच हिरासत में
मृतक लक्ष्मीचंद्र एवं मरने से पहले उसके द्वारा टंकी पर लिखी गई बात।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के जावरा के औद्योगिक क्षेत्र थानांतर्गत ग्राम हरियाखेड़ा में सरपंच के काम करने वाले एक मजदूर ने पानी की टंकी में फंदा बनाकर फांसी लगा ली। आत्महत्या करने से पहले उसने टंकी पर ‘पुलिस नहीं सुनती’ तथा सरपंच सहित तीन लोगों के नाम भी लिखे। उसके परिजन और जनजातीय समाज के लोगों ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने सरपंच सहित तीन आरोपियों के विरुद्ध युवक को आत्महत्या के लिए उकासने का केस दर्ज किया है। एसपी अमित कुमार ने लापरवाही बरतने के आरोप में एक एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है।

हरियाखेड़ा के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह गांव की पानी की टंकी से बंधे रस्सी के फंदे पर एक युवक के शव को लटके देखा तो हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान लक्ष्मीचंद्र पिता कनीराम के रूप में हुई जो कि सरपंच जितेंद्र पाटीदार के खेत में मजदूरी करता था। जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई और जावरा औद्योगिक क्षेत्र ताने से पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ग्रामीणों की मदद से शव नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया जहां भी भीड़ जमा हो गई। बाद में आक्रोशित लोगों ने रास्ते पर जाम लगा दिया और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

सरपंच सहित तीन लोगों और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लक्ष्मीचंद्र ने सरपंच जितेंद्र पाटीदार, लोकेश पाटीदार और पुरुषोत्तम पाटीदार के नाम लिखे हैं। वहीं पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लक्ष्मीचंद्र ने जिस पानी की टंकी से लटककर फांसी लगाई उस पर उसने ‘पुलिस नहीं सुनती’ और सरपंच सहित तीन नाम भी लिखे। ग्रामीणों ने बताया कि लक्ष्मीचंद्र द्वारा टंकी पर लिखे गए तीन नाम किसी ने मिटाने का प्रयास भी किया जिससे आक्रोश पनपा।

खेत पर काम करने के दौरान हुई थी मारपीट

मृतक के परिजन ने मीडिया को बताया कि लक्ष्मीचंद्र 11 फरवरी 2026 की रात को सरपंच जितेंद्र पाटीदार के खेत पर फसल को पानी दे रहा था। इसी दौरान कुछ लोग वहां आए और लक्ष्मीचंद्र के साथ मारपीट करने लगे। उन्होंने उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए जावरा के औद्योगिक क्षेत्र थाने में बंद भी करवा दिया था। लक्ष्मीचंद्र जमानत पर रिहा हुआ तो उसने सरपंच और उसके परिजन के विरुद्ध थाने में लिखित शिकायत की। इसमें उसे झूठा फंसाए जाने, जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने और धमकियां दिए जाने के आरोप लगाए थे। मृतक के परिजन के अनुसार पुलिस ने उक्त शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है लक्ष्मीचंद्र के साथ थाने में रातभर मारपीट भी हुई थी। 12 फरवरी 2026 को पीड़ित ने एसपी कार्यालय में भी लिखित शिकायत की थी लेकिन वहां से भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते ही उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

केस दर्ज, सरपंच हिरासत में

उक्त घटना को लेकर एसपी अमित कुमार ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने को लेकर एएसआई आशीष मांगरिया को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने युवक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में सरपंच जितेंद्र पाटीदार, लोकेश पाटीदार और पुरुषोत्तम पाटीदार के विरुद्ध केस भी दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सरपंच जितेंद्र को हिरासत में लेकर शेष आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।