रतलाम रेल मंडल के तिलक कैथवास को मिला PCEE अवॉर्ड, तीन वर्ष के कार्य के आकलन के आधार पर हुआ अवॉर्ड के लिए चयन

 पश्चिम रेलवे द्वारा जोन के 6 मंडलों और 3 रेलवे वर्कशॉप के विद्युत शाखा के 50 से अधिक लोगों को पुरस्कृत किया गया है। इनमें रतलाम रेल मंडल के तिलक कैथवास भी शामिल हैं।

May 26, 2022 - 16:45
Jun 7, 2022 - 16:10
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रतलाम रेल मंडल के तिलक कैथवास को मिला PCEE अवॉर्ड, तीन वर्ष के कार्य के आकलन के आधार पर हुआ अवॉर्ड के लिए चयन
रतलाम रेल मंडल के विद्युत पॉवर विभाग के तिलक कैथवास को सम्मानित करते अधिकारी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम रेल मण्डल के विदयुत पॉवर विभाग में कार्यरत कर्मचारी तिलक कैथवास को चीफ इलेक्ट्किल (PCEE) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। कैथवास को यह पुरस्कार उनके तीन वर्ष के कार्य के आकनल के आधार पर दिया गया है।

जानकारी के अऩुसार वेस्टर्न रेलवे के विभिन्न मंडलों और रेल कारखाने में कार्यरत विद्युत पॉवर विभाग के कर्मचारियों को उनके कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार समारोह पश्चिम रेलवे के मुख्यालय मुंबई में हुआ। मुख्य अतिथि पीसीसीई रहे जबकि अध्यक्षता मुंबई के चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर ने की।

समारोह में रतलाम रेल मंडल के विद्युत पॉवर विभाग के तिलक कैथवास को उनके तीन वर्ष के श्रेष्ठ कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। कैथवास के पिता भी भारतीय रेलवे में थे। तिलक अपने पिता के स्थान पर ही रेलवे की सेवा में आए और कर्म को ही पूजा मानते हुए अपने कर्त्तव्य का निर्वहन शुरू किया। समारोह में रतलाम मंडल के तिलक सहित पश्चिम रेलवे के 6 मंडलों और तीन वर्कशॉप के 50 से अधिक रेलकर्मियों को पुरस्कारों से नवाजा गया। सहकर्मियों और ईष्ट-मित्रों ने कैथवास को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।