रतलाम में हादसा ! गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान 17 वर्षीय किशोरी कुएं में डूबी, मौत

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान 17 वर्षीय किशोरी की बिना मुंडे के कुएं में डूबने से मौत हो गई।

Sep 6, 2025 - 22:58
Sep 6, 2025 - 23:17
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रतलाम में हादसा ! गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान 17 वर्षीय किशोरी कुएं में डूबी, मौत
कालूखे़ड़ा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान किशोरी कुएं में डूबी, मौत।
  • रतलाम जिले के कालूखेड़ा में बड़ा हादसा

  • गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोरी कुएं में डूबी

  • बिना मुंडेर के कुएं में डूबी 17 वर्षीय किशोरी

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के कालूखेड़ा में गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान एक 17 वर्षीय किशोरी की कुएं में डूबने से मौत हो गई। हादसा बिना मुंडेर के कुएं पर पैस फिसलने के कारण हुआ। हदसे बाद से मृतका के परिजन ही नहीं बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार कालूखेड़ा में 17 वर्षीय चेतना कुवंर पिता शिवराम सिंह बहन रानू कुंवर और परिजन के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए गई थी। परिवार गांव के ही एक बिना मुंडेर वाले कुएं में विसर्जन के लिए पहुंची थी। सभी ढोल की थाप पर झूमते हुए भक्ति-आराधना में लीन थे। पूजन के बाद गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान चेतना का पैर मिट्टी गीली होने से फिसल गया और वह सीधे बिना मुंडेर के कुएं में जा गिरी। यह देख परिजन की चीख निकल गई।

ग्रामीण भी पहुंचे मौके पर

किशोरी के परिज की चीख और रोना सुनकर अन्य ग्रामीण भी वहां जुट गए। पलक झपकते ही हुए हादसे ने सभी के होश उड़ा दिए। उन्होंने तना को कुएं से बाहर से निकालने का प्रयास शुरू किया। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद चेतना को कुएँ से बाहर निकाला लेकिन वह अचेत अवस्था में थी। अतः लोगों ने उसे झकझोर कर उठाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। लोगों और परिजन ने चेतना की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की लेकिन तब तक काफी देर हो चुके थी।

प्रशासन की लापरवाही ने ले ली जान

हादसे का शिकार हुई चेतना कक्षा 12वीं की छात्रा थी। इससे लोग दुखी भी हैं और आक्रोशित भी। यह आक्रेश जिला प्रशासन के गैरजिम्मेदारों से हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार आगाह करने और ध्यान आकर्षित करने के बाद भी प्रशासन बिना मुंडेर वाले कुओं और ऐसे ही अन्य डेंजर जोन की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इसी जिम्मेदारों की इसी लापरवाही के चलते एक होनहार किशोरी और लाड़ली लक्ष्मी की जान ले ली।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।