World book day 2025 : आओ 'हम भी किताबों से मिलें !' -अज़हर हाशमी

आपको सच्चे दोस्त की तलाश है तो किताबों से दोस्ती कीजिए। ये हर अच्छे-बुरे वक्त पर आपका साथ ही देंगी। इन्हें कुछ और नहीं चाहिए सिवाय आपके थोड़े से समय के। लिए हम भी प्रोफेसर अज़हर हाशमी की तरह किताबों से मिलें!

Apr 23, 2025 - 09:37
Apr 23, 2025 - 15:32
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World book day 2025 : आओ 'हम भी किताबों से मिलें !' -अज़हर हाशमी
विश्व पुस्तक दिवस 2025

किताबों से मिले !

किताबें, कर्म कौशल की कथाएँ

किताबें, अक्षरों की हैं सभाएँ

किताबें, जोश हैं, जज्बात भी हैं

किताबें, इल्म की सौगात भी हैं

दिलों में इल्म की सौगात भर लें।

किताबों से मिलें, कुछ बात कर लें।

किताबें, खुद सफर हैं खोज भी हैं

किताबें, तेज-तप हैं, ओज भी हैं

किताबें, रोशनी की बातियाँ हैं,

किताबें, हर्षदायी पातियाँ हैं,

पढ़ें ये पातियाँ, दुःख से उबर लें।

किताबों से मिलें, कुछ बात कर लें।

किताबें, तत्वखोजी साधनाएँ

किताबें, शब्द की आराधनाएँ

किताबें, सिलसिला रूहानियत का

किताबें, इत्र हैं इन्सानियत का

दिलों में इत्र की सुरभि को धर लें।

किताबों से मिलें, कुछ बात कर लें।

(रचना प्रो. अज़हर हाशमी के काव्य संग्रह 'अपना ही गणतंत्र है बंधु !' से साभार)

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।