मजबूरी या नादानी है ? कलेक्टर कार्यालय में युवक ने किया आत्मदाह करने का प्रयास, राशन कार्ड नहीं बनने से त्रस्त होकर उठाया कदम

राशन कार्ड नहीं बनने से दुखी एक युवक ने रतलाम कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह का प्रयास किया। उसका कहना है कि यहां मरने के बाद ही सुनवाई होती है।

Nov 27, 2024 - 01:26
Nov 27, 2024 - 02:59
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मजबूरी या नादानी है ? कलेक्टर कार्यालय में युवक ने किया आत्मदाह करने का प्रयास, राशन कार्ड नहीं बनने से त्रस्त होकर उठाया कदम
राशन कार्ड नहीं बनने से त्रस्त युवक ने रतलाम कलेक्टर कार्यलय में आत्मदाह का प्रयास किया।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को एक युवक ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। युवक ने राशन कार्ड नहीं बनने से परेशान होकर यह कदम उठाया। उसका आरोप है कि सीएम हेल्प लाइन पर की गई शिकायत भी वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है।

मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में सभी अधिकारी जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान कार्यालय के बाहर एक युवक पहुंचा और खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल कर आत्मदाह का प्रयास किया। इससे वहां हड़कंप मच गया। मीडिया के माध्यम से अंदर अधिकारियों को जानकारी मिली। पता चलते ही एसडीएम अनिल भाना व अन्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक से बात की तो उसने अपनी समस्या बताई।

यहां मरने पर ही सुनवाई होती है

युवक ने अपना नाम मनोज पिता भगवानदीन (32) निवासी उत्तर प्रदेश हाल मुकाम दिलीपनगर बताया। मनोज के अनुसार वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है लेकिन 15 साल से अधिक समय से रतलाम में ही रहकर मजदूरी कर रहा है। उसने यहां नगर निगम में राशन कार्ड बनवाने के लिए दो बार आवेदन दिया था। दोनों ही बार उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। मनोज के अनुसार नगर निगम में पहले कहा था कि तुम उत्तर प्रदेश के राशनकार्ड से अपना नाम कटवा लो तो यहां बन जाएगा। उसने उत्तर प्रदेश में अपना नाम कटवा लिया है, फिर भी यहां राशनकार्ड नहीं बन रहा।

सीएम हेल्पलाइन से शिकायत बंद करने का दबाव

इससे उसने यहां कलेक्टर कार्यालय और सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत की लेकिन इस शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। मैं वोट यहां देता हूं फिर फिर भी राशनकार्ड नहीं बन रहा है। इसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। इससे त्रस्त होकर आत्मदाह करने का कदम उठाया। उसका कहना है कि यहां मरने के बाद ही सुनवाई होती है, घर वालों को अच्छी सुविधा मिलती है।

पात्रता नहीं है, इसलिए निरस्त हुआ आवेदन

मामले में एसडीएम अनिल भाना ने मीडिया को बताया कि मनोज यहां दिलीपनगर में किराये रहता है। उसने फरवीर में आवेदन दिया था। पात्रता में नहीं आने के कारण उसका आवेदन मेरे आने के पहले ही खारिज हो गया था। मनोज उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। यहां किराये पर रहते है। उसका मकान, जाति, घर का पता आदि क्या है, कुछ भी पता नहीं है। पात्रता के बिना कार्ड कैसे जारी कर सकते हैं। फिर भी मामला दिखवा रहे हैं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।