श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में जन्मोत्सव से कृष्णमय हुआ कथा पंडाल, गूंजी जन्मोत्सव की बधाइयां
रतलाम में चल रही श्रीमद भागत कथा में गुरुवार को महामण्डलेश्वर स्वामी श्री चिदम्बरानंद जी सरस्वती ने भक्त और भगवान के संबंधों की व्याख्या। उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के प्रेम से बंधे हैं।
- बरबड़ स्थित विधायक सभागृह में गोकुल और वृंदावन जैसा दिखा नजारा
- महामण्डलेश्वर स्वामी श्री चिदम्बरानंदजी सरस्वती ने कहा भगवान सिर्फ भक्तों से प्रेम करते हैं
- चेतन्य काश्यप फाउंडेशन एवं श्री हरिहर सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का चौथा दिन
- मुख्य अतिथि कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल थावरचंद गेहलोत और महापौर प्रहलाद पटेल ने स्वामीजी का स्वागत कर आशीर्वाद लिया
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चेतन्य काश्यप फाउंडेशन एवं श्री हरिहर सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही। महामण्डलेश्वर स्वामी श्री चिदम्बरानंदजी सरस्वती महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान प्रकट होते हैं। भगवान का जन्म और कर्म दिव्य है। समाज को इससे प्रेरणा लेना चाहिए।

प्रभु के जन्म का प्रसंग आते ही बरबड़ स्थित विधायक सभागृह के पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। विधायक चेतन्य काश्यप, नीता काश्यप एवं श्रवण काश्यप ने श्री कृष्ण के बाल रूप को पालने में झुलाया। प्रभु के अवतरण पर चारों ओर बधाइयां बटने लगीं। इस मौके पर जमकर आतिशबाजी, पुष्पवर्षा और ढोल-धमाके व जयकारों के बीच पूरा पांडाल जय कन्हैयालाल के स्वरों से गूंज उठा। पंडाल को इस मौके के लिए विशेष रूप से सजाया गया था। इसके पूर्व भगवान श्रीराम के जन्म की कथा भी स्वामीजी ने श्रवण कराई। कथा के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल थावरचंद गेहलोत एवं महापौर प्रहलाद पटेल उपस्थित हुए। उन्होंने पूजा-अर्चना कर स्वामीजी का स्वागत-अभिनंदन किया। इस दौरान मोहनलाल भट्ट, गोविंद काकानी, मनोहर पोरवाल भी उपस्थित रहे।
आप भगवान की तरफ एक दम बढ़ाओ, वे 100 कदम दौड़े चले आएंगे

महामण्डलेश्वर स्वामी श्री चिदम्बरानंदजी सरस्वती ने कहा कि भगवान सिर्फ भक्तों से प्रेम करते हैं। इसके लिए आपके अंदर प्रेम और भक्ति के साथ वात्सल्य होना चाहिए। भगवान की तरफ आप एक कदम बढ़ाओगे तो वे सौ कदम दौड़े चले आएंगे। आप ठान लो तो कुछ भी कर सकते हो। आपके संकल्प में शक्ति होना चाहिए। जिस प्रकार बल्ब को जलाने के लिए तार को एक बार जोड़ना पड़ता है, ऐसे ही अपने मन को भगवान से एक बार जोड़ लो पाप मिट जाएंगे और पुण्य का उदय होगा।

स्वामीजी ने कथा में कहा कि थोड़ी सी गलतफहमी परिवार को नष्ट करने का काम करती है। किसी एक का अहंकार पूरे परिवार के विनाश का कारण बनता है। संसार में लोग बुद्धिमान भले ही दिखते हैं, लेकिन बुद्धिमानी उनके व्यवहार में नहीं दिखती है। उनमें अंहकार, अभिमान झलकता है, जो पतन का कारण होता है। अविश्वास की खाई जीवन को समाप्त करती है, इसलिए एक-दूसरे पर विश्वास होना चाहिए। जिनकी बुद्धि घुटनों में होती है, वे धर्म को नहीं इच्छा को महत्व देते हैं। महापुरुषों ने कभी इच्छाओं को महत्व नहीं दिया, इसलिए आज सभी लोग उन्हें याद करते हैं।
जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ भोजन की व्यवस्था करना, सड़कें बनाना या उद्योग खोलना ही नहीं
स्वामी जी ने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम केवल भोजन की व्यवस्था, सड़कें बनाना, उद्योग खोलना और रोजगार दिलाना ही नहीं होता, मानव जीवन में नैतिकता, संस्कार, संस्कृति का प्रभाव कैसे बढ़ें यह काम भी हर जनप्रतिनिधि को करना चाहिए। रतलाम में विधायक चेतन्य काश्यप संपूर्ण समाज के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को फलीभूत कर रहे हैं। यह भौतिक विकास के साथ हमारी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जो धरोहर है, उनके संरक्षण और जीर्णोद्धार की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। स्वामीजी ने काश्यप को विश्वास दिलाया कि आपकी इस दिशा में एक कदम उठाएंगे तो संत समाज चार कदम उठाने के लिए तैयार है।
धर्म-संस्कृति बिना विश्व कल्याण व शांति संभव नहीं- गेहलोत

कर्नाटक के राज्यपाल गेहलोत ने इस अवसर पर कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों का देश है। उनके आशीर्वचन से ही देश का धर्म, संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्म विश्व के अनेकों देशों के लोगों को प्रभावित कर रहा है। कई देशों के लोग हमारे धर्म-संस्कृति को अपना कर अपने जीवन को सफल करने का प्रयास कर रहे है। गेहलोत ने कथा में सुनाए जाने वाले प्रसंगों को अंगीकार करने का आह्वान किया और कहा कि व्यक्ति को जब बचपन से धर्म संस्कृति के संस्कार मिलते हैं, तो उसका, परिवार, समाज का जीवन सफल हो जाता है। कलयुग में धर्म संस्कृति की महती आवश्यकता है। इसके बिना विश्व कल्याण और शांति संभव नहीं है। महापौर प्रहलाद पटेल ने कहा कि कथा कई संदेश देती है। हमें उसके संदेशों का अनुसरण कर अपना जीवन सफल बनाना चाहिए। रतलाम में विधायक काश्यप द्वारा भौतिक विकास के साथ-साथ धार्मिक, आध्यात्मिक, शैक्षिणक, खेलकूद और सामाजिक विकास के कई आयाम स्थापित किए गए हैं, जो उन्हें अलग ही स्थान दिलाते हैं।
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