आप अखबार और पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित करते हैं तो यह काम कर लें वरना हो सकती है यह परेशानी

समाचार-पत्र और पत्रिकाओं की मॉनिटरिंग के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इस पर अमल नहीं करने पर शासन की ओर से जारी होने वाली विज्ञापन प्रभावित हो सकते हैं।

Nov 5, 2022 - 03:12
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आप अखबार और पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित करते हैं तो यह काम कर लें वरना हो सकती है यह परेशानी
समाचार-पत्र।

अब समाचार पत्र-पत्रिकाओं की सॉफ्टवेयर से लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, प्रकाशनों के एकमुश्त अंक जमा नहीं कर पाएंगे 

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रेशन एक्ट में दिए प्रावधान के आधार पर जनसम्पर्क संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल ने समाचार पत्र-पत्रिकाओं के पंजीयन के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसमें नियमित रूप से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र, समाचार-पत्रों के संस्करण, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक तथा त्रैमासिक समाचार पत्र-पत्रिकाओं की हाजिरी दर्ज होगी। इसके लिए संपादक व प्रकाशक को प्रकाशन के अंक 24 घंटे के भीतर जनसंपर्क कार्यालय में प्रस्तुत करना होंगे।

जनसंपर्क संचालनालय द्वारा तैयार किए गए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण भोपाल से गूगल मीट के माध्यम से दिया गया है। प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जनसम्पर्क अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालय से सहभागिता की। प्रतिभागियों को अपर संचालक एच. एल. चौधरी ने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के प्रावधानों की जानकारी दी। इसमें बताया कि सम्पादकों को अंक प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर प्रकाशित अंक जनसम्पर्क कार्यालय में प्रस्तुत करना होंगे। निर्धारित अवधि के उपरान्त प्राप्त अंक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं किए जा सकेंगे। इससे समाचार पत्र-पत्रिकाओं की नियमितता खंडित होगी तथा वे विज्ञापन के लिए अपात्र हो जाएंगे। 

हॉर्ड और सॉफ्ट कॉपी में देना होगी जानकारी

प्रशिक्षण में बताया गया कि नियमित प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार-पत्र, समाचार-पत्रों के संस्करण, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं त्रैमासिक पत्र-पत्रिकाओं की जानकारी सॉफ्टवेयर में अपलोड करने के लिए समस्त नियमित प्रकाशनों के सम्पादकों को अपने-अपने प्रकाशन से संबंधित जानकारियों डॉक्यूमेंट उपलब्ध करवाने होंगे। जानकारी हॉर्ड एवं सॉफ्ट कॉपी में संबंधित जनसम्पर्क कार्यालय में अनिवार्य रुप से जमा करना होगी। प्राप्त हॉर्ड एवं सॉफ्ट कॉपी के आधार पर संबंधित कार्यालय, समाचार पत्रों का सभी डाटा सॉफ्टवेयर में अद्यतन करना होगा। समाचार पत्र सम्पादकों से उपरोक्त दस्तावेजों की एक-एक फोटो कॉपी तथा JPG एवं PDF फॉर्मेट में एक-एक सॉफ्टकॉपी (प्रत्येक सॉफ्टकॉपी की साइज 01 MB से अधिक नहीं होनी चाहिए) 10 दिवस में जनसम्पर्क कार्यालय में जमा करने का अनुरोध किया गया है। दस्तावेज जमा करने के लिए निर्धारित प्रारुप जनसम्पर्क कार्यालय में उपलब्ध है।

ये जानकारी और डॉक्यूमेंट प्रदान करना होंगे

  • RNI  रजिस्ट्रेशन नम्बर।
  • RNI टायटल कोड की फोटोकॉपी।
  • RNI रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी।
  • RNI टायटल एलाटमेंट लेटर की फोटोकॉपी।
  • प्रथम घोषणा-पत्र की फोटोकॉपी।
  • स्थापना/प्रकाशन प्रारंभ करने का वर्ष।
  • GSTI नम्बर की फोटोकॉपी।
  • पेन कार्ड की फोटोकॉपी।
  • ई-मेल आई. डी.।
  • फोन / मोबाइल नम्बर।
  • स्थायी पता एवं DPR के पेपर कोड।

नए प्रकाशन के लिए आरएनआई नंबर जरूरी

नवीन प्रकाशन पंजीबद्ध कराने के लिए प्रकाशन का RNI नम्बर अनिवार्य है। RNI नम्बर प्राप्त होने के बाद शेष वांछित दस्तावेजों की जानकारी जनसम्पर्क कार्यालय से प्राप्त करना होगी। समस्त दस्तावेज प्राप्त होने पर ही नवीन प्रकाशन पंजीबद्ध किए जा सकेंगे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।