काम को बोझ मत समझिए एंज्वॉय कीजिए, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर और देखें वीडियो

किसी भी काम को बोझ मत समझिए। बोझ उठाने का काम भी हो तो उसे एंजॉय करिए।

Dec 2, 2021 - 13:27
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काम को बोझ मत समझिए एंज्वॉय कीजिए, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर और देखें वीडियो

बोझ उठाने के काम को भी आनंद के साथ करने का वीडियो आईपीएस अधिकारी ने टि्वटर पर किया साझा

Enjoy Everything : कुछ लोग काम को बोझ समझते हैं और कुछ लोग बोझ उठाने के काम को भी मजा लेकर करते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। एक आईपीएस अधिकारी ने इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर भी साझा किया है।

नागालैंड के आईपीएस अधिकारी रुपिन शर्मा ने बोझ को भी एंज्वॉय करने के वीडियो को वायरल किया है। वीडियो कहां का है, यह तो स्पष्ट नहीं है किंतु उस में दिखाया गया दृश्य सार्थक संदेश देने वाला है। यह वीडियो लोडिंग और अनलोडिंग करने वाले एक मजदूर का है। इसमें मजदूर ठेले पर गुलाटी मारता है और जब दूसरी तरफ पहुंचता है तो उसकी पीठ पर बोरी लदी नजर आती है। वीडियो आईपीएस अधिकारी ने देखा तो उन्हें भी काफी मजा आया और उन्होंने सकारात्मक संदेश के साथ साझा किया।

बोझ उठाने के काम को एंज्वॉय करने का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें...

काम को अनूठे ढंग से करने के वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। किसी ने इसे पाकिस्तान का बताया तो ज्यादातर ने काम को एंज्वॉय करने के मैसेज के साथ लाइक भी किया और दूसरों को शेयर भी किया। लोगों का कहना है कि हम इस तरह किसी भी काम को आसान बना सकते है।

डिस्क्लेमर

यहां यह वीडियो साझा करने का उद्देश्य सिर्फ सकारात्मक संदेश देना है। www.acntimes.com ऐसे किसी भी तरीके की नकल करने की पैरवी नहीं करता जो शारीरिक अथवा स्वास्थ्य की दृष्टि से घातक हो। 

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।