बड़ी खबर : प्रतिष्ठित फर्म इंदरमल समरथमल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. से 83.05 करोड़ रुपए से अधिक वसूली का आदेश, 2 माह में भुगतान नहीं करने पर संपत्ति होगी नीलाम

मप के रतलाम शहर की बड़ फर्म पर 85 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली का आदेश जिला दंडाधिकारी ने पारित किया है। राशि भुगतान के लिए दो महीने की डेडलाइन दीगई है।

Jun 29, 2022 - 13:23
Jun 29, 2022 - 13:26
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बड़ी खबर : प्रतिष्ठित फर्म इंदरमल समरथमल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. से 83.05 करोड़ रुपए से अधिक वसूली का आदेश, 2 माह में भुगतान नहीं करने पर संपत्ति होगी नीलाम
रतलाम जिला दंडाधिकारी ने इंदरमल समरथमल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. के विरुद्ध रिकवरी का आदेश।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिला दंडाधिकारी नरेंद्र सूर्यवंशी ने शहर की प्रतिष्ठित फर्म इंदरमल समरथमल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिडेट व उसके तीन सहयोगियों के विरुद्ध महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसमें फर्म से 83 करोड़ 05 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली का आदेश दिया गया है। यह राशि जमा कराने के लिए फर्म को दो माह की डेडलाइन दी गई है। नियत समय में राशि जमा नहीं कराने पर तहसीलदार द्वारा फर्म के मकान की नीलामी कर राशि वसूली जाएगी।

स्ट्रेस्टेड एसेस्ट स्टेबलाइजेशन फंड की तरफ से तृतीय तल आईडीबीआई टावर डब्ल्यूटीसी कॉम्प्लेक्स कफी पराडे मुंबई के अधिकृत अधिकारी की ओर से जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में एक वाद प्रस्तुत किया गया था। वाद रतलाम शहर की प्रतिष्ठित फर्म इंदरमल समरथमल और तीन अन्य के विरुद्ध दायर हुआ था। वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुर्नगठन और प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम-2002 की धारा 14 के तहत सहपत्रों सहित वाद अधिवक्ता ओमप्रकाश बोरसिया ने प्रस्तुत किया था।

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यह था पूरा मामला

वाद में न्यायालय को बताया गया था कि अनावेदक फर्म इंदरमल समरथमल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड चांदनी चौक रतलाम, अजय मोतीलाल अग्रवाल, निवासी साउथ तुकोगंज इंदौर, राजेन्द्र कुमार समरथमल चौरड़िया, निवासी 60 चांदनी चौक रतलाम और अजयकुमार - ज्ञानचंद जैन, निवासी पैलेस रोड रतलाम पर 83 करोड़ 05 लाख 74 हजार 353 रुपए मय ब्याज के ऋण राशि बकाया है। फर्म व सहयोगियों ने अनुबंध की शर्तों के अनुरूप त्राण की राशि वापस नहीं लौटाई गई।

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इस राशि, ब्याज एवं अन्य प्रभार के लिए आवेदित संस्था ने बंधक रखी सम्पत्ति रतलाम के चांदनी चौक स्थित भवन क्रमांक 26/ 226/73 स्थित मकान जिसका क्षेत्रफल 303.22 वर्गमीटर है, का आधिपत्य दिलाने का अनुरोध किया था।

नोटिस देने पर भी नहीं लौटाई राशि

आवेदित संस्था ने अनावेदक को ऋण और ब्याज के बकाया 83 करोड़ 05 लाख 74 हजार 353 रुपए मय ब्याज के ऋण राशि चुकाने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए। ऋण के पुनर्भुगतान में ऋण की अनुबंध की शर्तों के अनुरूप ऋण की किश्तों का समय पर भुगतान नहीं होने पर उनका खाता एनपीए वर्गीकृत कर दिया गया था। तत्पश्चात् वित्तीय अस्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुर्नगठन और प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम 2002 की धारा 13 (2) के अंतर्गत 60 दिन की समय सीमा में मय ब्याज सहित जमा करने के लिए सूचना-पत्र भी जारी किए। यह अवधि पूर्ण होने के बाद भी अनावेदकगणों ने बकाया राशि आवेदित बैंक में जमा नहीं कराई। इसके चलते ही आवेदक द्वारा म के अंतर्गत भौतिक आधिपत्य दिलाने की कार्रवाई का आग्रह जिला दंडाधिकारी से किया गया था। 

दो माह में नहीं किया भुगतान तो एकपक्षीय कार्रवाई कर कर दी जाएगी नीलामी

जिल दंडाधिकारी न्यायालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रकरण प्रचलन में रहने के बाद भी अनावेदक अनुपस्थित रहे। इससे अनावेदकगणों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई कर प्रकरण आदेशार्थ नियत किया गया। आदेश दिनांक को न्यायालय ने निर्णय पारित किया कि आदेश पारित होने की तारीख से अगले दो माह में आवेदित संस्था को ऋण की राशि जमा करवाकर संस्था द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र व संस्था में जमा किए गए ऋण राशि की रसीद की एक छायाप्रति इस न्यायालय में तथा एक छायाप्रति तहसीलदार, तहसील रतलाम शहर को प्रस्तुत करें।

आदेश में उल्लेखित अवधि में ऋण राशि स्ट्रेस्टड ऐसेट्स स्टेबलाईजेशन फंड द्वारा अधिकृत अधिकारी तृतीय तल आईडीबीआई टॉवर डब्ल्यूटीसी कॉम्प्लेक्स कफी पराडे मुंबई में जमा करवाकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र व संस्था में जमा कराई गई। ऋण राशि की रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।