अभय सुराणा श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस के वरिष्ठ मार्गदर्शक मनोनीत

जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अभिय सुराणा को श्री आल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कान्फ्रेंस में वरिष्ठ मार्गदर्शक की जिम्मेदारी दी गई है।

Oct 12, 2022 - 03:37
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अभय सुराणा श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस के वरिष्ठ मार्गदर्शक मनोनीत
अभय सुरणा।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अभय सुराणा को श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति में वरिष्ठ मार्गदर्शक मनोनीत किया गया है। मनोनयन जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंदमल छजलाणी जैन ने किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष छजलाणी ने भेजे पत्र में लिखा है कि सुराणा अपनी प्रतिभा, प्रतिष्ठा और सेवा भावना से धार्मिक सामाजिक एवं मानव कल्याण की गतिविधियों को बल प्रदान करते हुए जैन कॉन्फ्रेंस को उच्चता प्रदान करने में सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी लिखा है कि सुराणा की कार्यशैली को देखते हुए पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें विभिन्न पदों का दायित्व प्रदान किया गाय। उन्हें समय-समय पर गुरु भगवंतों ने विभिन्न उपाधियों से अलंकृत भी किया।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने बताया सुराणा के मनोनयन पर गुरु भगवंत एवं साध्वी मंडल ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया। साथ ही राष्ट्रीय प्रमुख मार्गदर्शक रमेश भंडारी एवं स्नेहीजन ने शुभकामनाएं दी। सुराणा ने अपने मनोनयन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष छजलाणी एवं प्रमुख मार्गदर्शक रमेश भंडारी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जैन कॉन्फ्रेंस को उच्चता प्रदान करने में सदैव सहयोगी रहेंगे।
Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।